मेहंदी, गौरा ने, लगाई हुई है,
जनज, भोले जी की, आई हुई है ll
क्या है, भोले की निशानी,
गले में सर्पों की माला ll
शरीर पर, भस्म रमाई हुई है,
जनज, भोले जी की, आई हुई है l
मेहंदी, गौरा ने…
देखो, भोले के, बाराती,
ना कोई घोड़ा, ना कोई हाथी ll
ऐसी, रौनक, लगाई हुई है,
जनज, भोले जी की, आई हुई है l
मेहंदी, गौरा ने…
जो है, गौरा मां का, स्वामी,
वह तो, है अंतर्यामी ll
गौरा, फूलों से, सजाई हुई है,
जनज, भोले जी की, आई हुई है l
मेहंदी, गौरा ने…
वह तो, कैलाश का वासी,
वह तो, घट-घट का वासी ll
भंग, सबको, पिलाई हुई है,
जनज, भोले जी की, आई हुई है l
मेहंदी, गौरा ने…
हर हर महादेव