ओ लख-लख, हों बधाइयाँ,
आज मेरी गौरा को॥
ओ सारे नाच-नाच, दें बधाइयाँ,
आज मेरी गौरा को॥
गौरा ब्याहने, भोले जी आए,
भूत-प्रेतों को साथ लाए॥
ओ हो के बैल सवार, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ…
बधाई देने, राम जी आए,
सीता, हनुमत को साथ लाए॥
हो नाच-नाच, दें बधाइयाँ, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ…
बैठ बैकुंठ धाम से, विष्णु जी आए,
लक्ष्मी, नारद को साथ लाए॥
ओ हो के गरुड़ सवार, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ…
बधाई देने, ब्रह्मा जी आए,
सरस्वती माँ को साथ लाए॥
ऋषि-मुनि संग सभी, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ…
रथ में बैठ के, कान्हा जी आए,
राधा, रुक्मिणी को साथ लाए॥
ओ रास रचाएँ आप, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ…
दूर से चल कर, मंडली आई,
सब सखियों को संग लाई॥
ओ फूलों के हार लिए, आज मेरी गौरा के॥
ओ फूल बरसाते आप, आज मेरी गौरा के॥
ओ करते जय-जयकार, आज मेरी गौरा के॥
ओ नाचते-गाते साथ, आज मेरी गौरा के॥
हर-हर महादेव